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नीरज जी के प्रति 🌸श्रद्धा सुमन🌸

धन्य हुई है हिंदी भाषा, तुम सा गीत रचयिता पाकर ।
श्रद्धा सुमन करते हैं अर्पित, तुमको गीत तुम्हारे गाकर ॥

गीत तुम्हारे गूंज रहे हैं, हिंदी प्रेमी रसिकों के मन ।
यश से तुम जीवित हो अब भी, गये नहीं हो तुम तो जाकर ॥
श्रद्धा सुमन करते हैं अर्पित, तुमको गीत तुम्हारे गाकर ॥

तुम कवियों के राजा नीरज; बंधा दिया गीतों से धीरज ।
शब्द शब्द में भाव गहन है, भरते हो गागर में सागर ॥
श्रद्धा सुमन करते हैं अर्पित, तुमको गीत तुम्हारे गाकर ॥

      -अंजुमन 'आरज़ू'©✍
20/07/2018

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