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बिगड़ गई बात

बिगड़ गई बात

बातों ही बातों में देखो बिगड़ गई बात ।
टूटे रिश्ते पल में छूटा जीवन भर का साथ ॥

कुछ तुमने हमसे कहा, कुछ हमने तुम से कहा ।
मानी ना अपनी खता, एक दूसरे से यूँ कहा ।
तुमने ये कैसे कहा, तुम्हारी क्या अवकात ॥
टूटे रिश्ते पल में छूटा जीवन भर का साथ ॥

झगड़े ये आगे बढ़े,जब हम तुम दोनों लड़े ।
झुकना कोई ना चाहे,अपनी ज़िद पे हम अड़े ।
जीता कोई नहीं, मिली दोनों को मात ॥
टूटे रिश्ते पल में छूटा जीवन भर का साथ ॥

माफियाँ माँगने पर भी जो बात ना बनी ।
साले और बहनोई में जाने कैसी ये ठनी ।
बहन बिना भाई की निकली सूनी बारात ॥
टूटे रिश्ते पल में छूटा जीवन भर का साथ ॥

पल भर में पिघल जाएँ,जो मिले अहम की आँच ।
सहेज के रखना इन्हें, रिश्ते हैं कच्चे काँच ॥
रेशम की डोरी हैं ये स्नेह की सौगात ।।
टूटे रिश्ते पल में छूटा जीवन भर का साथ ॥

बातों ही बातों में देखो बिगड़ गई बात ।
टूटे रिश्ते पल में छूटा जीवन भर का साथ ॥

    -अंनजुम 'आरज़ू'©🙏
23-04-2018

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