लिए कटोरा मांगते, दे दो रे सम्मान ।
मांगे से ये ना मिले, अरे भीख से मान ॥
अरे भीख से मान, न तू पाएगा पगले ।
खाली कटोरा ले, अरे चल तू तो भगले ॥
छुटभैया नेता तु, तो नित मदिरा भी पिए ।
लाते खाते फिरे, ये मान कटोरा लिए ॥
-अंजुमन आरज़ू'©✍
23/06/2018
Comments
Post a Comment