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हाइकु


     पत्नी ये बोली
सुन ओ हमजोली
    होके नरम ।

     दोस्तों की टोली
करती है ठिठोली
     खुली है रम|

     बीड़ी शराब
होते सब खराब
    फैंको चिलम|

    होता है बुरा
सिगरेट का कश
    ना मारो दम|

    करो ना शोर
चलो घर की ओर
    तुम्हें कसम|

    मां के दुलारे
हो बच्चों के भी प्यारे
    मेरे बलम|

    नम क्यों आंख
हम तुम हैं साथ
    काहे का गम|

    छोड़ो भी पीना
नए सिरे से जीना
    सीख ले हम।

       -अंजुमन 'आरज़ू'©✍
31-05-2018

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