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मिट्टी हिंदुस्तान की

दुनिया के सोने से बेहतर, मिट्टी हिंदुस्तान की।
तिलक लगा कर देखो इसमें, खुशबू है लोबान  की॥

हमसे ही निकला है देखो, हमको आंख दिखाता है।
जब जब हम से ठनी है उसकी, वो तो मुंह की खाता है।
सीख नहीं लगती मोटी चमड़ी है पाकिस्तान की ॥
दुनिया के सोने से बेहतर, मिट्टी हिंदुस्तान की॥1॥

शहीद अब्दुल हमीद ने सोलह टेंक उड़ाए थे।
क्या करगिल को भूल गए वो, हमने धूल चटाए थे।
पत्थर फेंके खिसियानी बिल्ली है हालत स्वान की।
दुनिया के सोने से बेहतर, मिट्टी हिंदुस्तान की॥2॥

पीठ में छुरा भौंककर ये तो बुजदिल जैसे लड़ता है।
युद्ध-विराम करें हम तो भी,  ये तो ज़िद पर अड़ता है।
भूल गया मर्यादा सारी, पावन से रमजान की ॥
दुनिया के सोनी से बेहतर मिट्टी हिंदुस्तान की॥3॥

सत्तर साल में हमने देखो, कितनी प्रगतियाँ कर ली है ।
पाक ने आतंकवाद पालकर, खुद दुर्गतियाँ वर ली है ।।
विश्व पटल से सुषमा बोली, कथा देश सम्मान की ।
तिलक लगाकर देखो इसमें, खुशबू है लोबान की॥4॥

दुनिया के सोने से बेहतर, मिट्टी हिंदुस्तान की।
तिलक लगा कर देखो इसमें, खुशबू है लोबान की॥

      -अंजुमन 'आरज़ू'©✍
24/06/2018

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