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हाइकु


   नफरतों से
है क्या हासिल होना
    इंसान बोना

   इंसान बोना
नफरत कर के
   घटाए कद

    घटाये कद
रिश्ते नाते टूटते
   होता अकेला

   होता अकेला
अब कौन बाँटेगा
   खुशी ओ गम

   खुशी ओ गम
बांटने के लिए तू
   कर ले प्रीति

   कर ले प्रीति
समरसता लाके
   पाये सम्मान

   पाये सम्मान
करके स्नेह प्रेम
   बने महान

     -अंजुमन 'आरज़ू'©✍

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