इन क़िताबों में निहा* है ज़िंदगी का फ़लसफ़ा ये ख़मोशी से बयाँ करतीं सदी का फ़लसफ़ा बनके ज़ीना* हर बशर को जीना+ सिखलाती क़िताब इनमें बातिन* है बुलंदी की ख़ुशी का फ़लसफ़ा ये हमेशा पैदा करतीं हैं सियह अल्फ़ाज़ से पढ़ने वालों के दिलों में रौशनी का फ़लसफ़ा क्या क़िताबों से बड़ा कोई यहाँ उस्ताद है थाम कर उंगली सिखातीं रहबरी का फ़लसफ़ा हमसफ़र बन कर सफ़र आसान करती रात का हर सफ़े पर है चमकता चाँदनी का फ़लसफ़ा इन क़िताबों में हैं गहरे इल्म के दरिया कई काश मुझ में हो हमेशा तिश्नगी ...