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हिम्मत को सलाम

भीगे परों से उड़ के तूने छू लिया आसमान ।
हिम्मत को सलाम है तेरा हौसला है महान ।।

कोई नहीं सूरज का साथी तन्हा तमतमाता है ।
पर्वत के शिखरों पे चढ़ पाताल का तम भगाता है ।।
जग का अकेले पोषण कर कहलाता है भगवान ।
हिम्मत को सलाम है तेरा हौसला है महान ।।

सो जाता जब थकके दिवाकर रोज निशा आती है ।
छा जाता जब घना अंधेरा जलते दिया बाती है ।
नन्हा सा दीपक भी देखो है कितना बलवान ।
हिम्मत को सलाम है तेरा हौसला है महान ।।

सीमा पर प्रहरी बन कर दुश्मन को धूल चटाये।
जान भले ही दे दें लेकिन झंडा झुक ना पाये ।।
दस दस पे भारी है मेरे हिन्द का एक जवान ।
हिम्मत को सलाम है तेरा हौसला है महान ।।

सबसे ऊँचे लोग हैं वो जो हिम्मत के बन्दे हैं ।
ना तो लूले और न लंगड़े ना ही ये अन्धे हैं ।।
अक्षम कहकर इनका कभी ना करना तुम अपमान ।
हिम्मत को सलाम है तेरा हौसला है महान ।।

भीगे परों से उड़के तूने छू लिया आसमान ।
हिम्मत को सलाम है तेरा हौसला है महान ।।

     -©अंजुमन 'आरज़ू'✍
28/03/2019

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