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पवन पुत्र हनुमान

जिनके हृदय में राजते श्री राम हैं ।
अंजनी नंदन पवन पुत्र हनुमान हैं ।।

प्रभु के संकट हर कहलाये संकटमोचन ।
सागर तर के लंका पहुँचे चार सौ योजन ।
श्री राम के भी बिगड़े बनाये काम हैं ।।
अंजनी नंदन पवन पुत्र हनुमान हैं ।।

जन्मोत्सव है आज तुम्हारा केसरी नंदन ।
कर लेना स्वीकार मेरा सिंदूरी वंदन ।
तुमको मिला अमरता का वरदान है ।।
अंजनी नंदन पवन पुत्र हनुमान हैं ।।

इतने गुणों का वर्णन मैं कैसे कर पाऊं ।
फिर भी श्रद्धा पूरित हो दो शब्द चढ़ाऊं ।
तुमको समर्पित मेरी कलम के गान हैं ।।
अंजनी नंदन पवन पुत्र हनुमान हैं ।।

जिनके हृदय में राजते श्रीराम हैं ।
अंजनी नंदन पवन पुत्र हनुमान हैं ॥

रचना तिथि 31 3 2018
रचना स्वरचित एवं मौलिक है ।
©®🙏
     -सुश्री अंजुमन मंसूरी 'आरज़ू'✍
छिंदवाड़ा मप्र

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