ये समय गुरु है सबसे बड़ा,
कब इससे कोई जीता है ।
जो समय सिखाता है सबको,
रामायण है वह गीता है ॥
हाथों में रखी रेती की तरह,
ये जीवन फिसल रहा देखो ।
धीरज धारण करने वाला,
ही तो इस जग में जीता है ॥
ये समय की सुई नुकीली है,
घायल सब मन कर देती है ।
करता है समय तुरपाई भी,
घावों को भी ये सीता है ॥
ये समय है गुरु सनातन से,
आगे भी रहेगा ये भारी ।
मान किया न जिसने गुरु का,
उसका ही दामन रीता है ॥
कैसे भी हो प्रश्नों के पत्थर,
हर प्रश्न का देता है उत्तर ।
ये बड़ी महारत रखता है,
ये ज्ञान का सागर पीता है ॥
ये समय गुरु है सबसे बड़ा,
कब इससे कोई जीता है ।
जो समय सिखाता है सबको,
रामायण है वह गीता है ॥
-अंजुमन 'आरज़ू' ©✍
Comments
Post a Comment