ग़ज़ल धूप के बिन सफर में है साया नहीं शम'अ भी रात के बिन नुमाया नहीं । जग में है कौन जिस ने हमारी तरह दर्दो ग़म ज़िंदगी में उठाया नहीं । वेणु वीणा पखावज हो या आदमी चोट खाए बिना स...
ग़ज़ल ज़िंदगी दरबदर आजमाती रही । पोंछ कर अश्क मैं मुस्कुराती रही ॥ राह के ख़ार से हौसला सींचकर । रोज़ उम्मीद के गुल खिलाती रही ॥ रात के बाद है रोशनी का सफ़र । फ़लसफ़ा ले सहर ...
-अंजुमन मंसूरी 'आरज़ू' मैं थी इक धरती न्यारी सी, अपने सूरज की प्यारी सी । मुझको प्रियतम का प्रेम मिला, मेरे आंचल में फूल खिला । गोदी महकी फिर क्यारी सी ॥ मैं थी एक ...
ये समय गुरु है सबसे बड़ा, कब इससे कोई जीता है । जो समय सिखाता है सबको, रामायण है वह गीता है ॥ हाथों में रखी रेती की तरह, ये जीवन फिसल रहा देखो । धीरज धारण करने वाला, ही तो इस जग में ज...
वज़्न-1222 1222 1222 1222 ग़ज़ल बड़े लोगों की सच्चाई हमें कुदरत बताती है । रखें प्यासा समंदर तिश्नगी नदिया बुझाती है ॥ करो जब दोस्ती तो अपने क़द को देखकर करना । मिली गंगा ...
अंकुरित हुई नन्ही लाल कुमकुम सी सुंदर प्यारी कोपल फिर वह कोपल बढ़ती पल पल मुस्काती और हरियाती हरीतिमा भी कहाँ ठहरी, धीरे-धीरे हो जाती पीली छाता है फिर प...
इक मुकम्मल दास्तां है ज़िंदगानी दर्द की । मुस्कुराते लब के पीछे है निशानी दर्द की ॥ ठोकरों के बीज बो कर सींचती है अश्क से । ग़म की फसलें सब्ज़ करती बागबानी दर्द की ॥ गंगा यमु...
गरीबी तो गौरव गान है । इसका बहुत सम्मान है । शबरी सा धीरज धर के, कुछ तप भी करना पड़ता है । आस प्रभु की मन भरके, जग से लड़ना पड़ता है । तब बेर खाते श्री राम है ।। इसका बहुत सम्मान ह...
भीगे परों से उड़ के तूने छू लिया आसमान । हिम्मत को सलाम है तेरा हौसला है महान ।। कोई नहीं सूरज का साथी तन्हा तमतमाता है । पर्वत के शिखरों पे चढ़ पाताल का तम भगाता है ।। जग का अके...
नामुमकिन को मुमकिन कर दे ऐसा जज़्बा जुनून है । कोशिश करने वालों के तो सारे रंग मरून हैं ।। अपनी अपनी ज़िद पे अड़े हैं सीमा के दोनों ही छोर । वो भी अपनी माँ के बेटे हम भी तो हे सिर...
जिनके हृदय में राजते श्री राम हैं । अंजनी नंदन पवन पुत्र हनुमान हैं ।। प्रभु के संकट हर कहलाये संकटमोचन । सागर तर के लंका पहुँचे चार सौ योजन । श्री राम के भी बिगड़े बनाये काम...
माँ का सारा जीवन इक साधना है । तुझ को समर्पित मेरी हर आराधना है ॥ कितनी बार ये सोचा होगा मर जाती हूँ । जीवन दुख का सागर है, मैं टर जाती हूँ । पर मेरे मुख को देख सही हर यातना है ॥1॥ त...
हर सास का माँ सा हो दामन, खुशियों से भर दे जो जीवन । पर ऐसा कब हो पाता है, ना जाने कैसा नाता है । दोनों में रहती है अनबन, जैसे हों ये कोई दुश्मन ॥ जहाँ स्त्री पूजी जाती हैं, वहाँ बहु...
रोशनी के झुरमुटों का हें बसेरा बागबां । दूर करते हैं सदा जीवन अंधेरा बागबां ॥ रात जब काली हुई तो ये अटल ध्रुव हो गए । जिंदगी में खींच लाते हैं सवेरा बागबां ॥ हँस के सहना भी सि...
अब की जो नया साल हो, उसमें सभी खुशहाल हो । जो आज तलक ना हुआ कभी, हे प्रभु! वही कमाल हो ॥ विद्या पाए नन्ही पीढ़ी, बचपन करे ना बाल श्रम । वृद्धों को ना जाना पड़...
बह्र-ए-मुत्दारिक मुस्समन सालिम अरकान- फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन वज़्न- 212 212 212 212 ग़ज़ल धूप का ये सफर है सुहाना नहीं । धूप बिन पर मिले आबोदाना नहीं ॥ पत्तिया...