धन्य हुई है हिंदी भाषा, तुम सा गीत रचयिता पाकर । श्रद्धा सुमन करते हैं अर्पित, तुमको गीत तुम्हारे गाकर ॥ गीत तुम्हारे गूंज रहे हैं, हिंदी प्रेमी रसिकों के मन । यश से तुम जीवित ...
किचकिच किचकिच लगी हुई है जीवन में । सुबह सवेरे घर में होती, दोपहरी ऑफिस में रोती । शाम ढले से रातों में भी, किच किच किच किच किच ॥ जब नन्हे ने आंखें खोली, दादी-नानी लड़ती थी । बुआ-म...
मुसाफिर हूँ मैं जीवन की, कि मेरा काम है चलना । मेरा आग़ाज़ है चलना, मेरा अंजाम है चलना ॥ कि मेरी राह पथरीली, नज़र के सामने कोहरे । मेरी हिम्मत के आगे पर, न मेरे पांव है ठहरे । विजय ...
परदेस छोड़ा न जाए, फिर भी कहते- मेरा देश महान🇮🇳 कोई भी व्यक्ति अपनी जननी और जन्मभूमि का वर्ण नहीं कर सकता, वह तो बस मां का बेटा, देश का लाल, हो जाता है, और उसे अपनी मां और मातृभूमि ...
मन की हर बात ना कह पाएँ, हो कितने ही क्यों ना ये शब्द मुखर । अभिव्यक्ति सदा ही अधूरी है, चाहे कितने भी हो लेख प्रखर ॥ ऐसा भी होता जीवन में, सामर्थ्य हीन जब शब्द मोती । वाणी भी गुमस...
देश मेरा है स्वतंत्र पर, सुतंत्र बनाना बाकी है । भांति-भांति के भेदभाव से, मुक्त कराना बाकी है ॥ देश बँटा है धर्म धर्म में, धर्म बँटे फिर जाती । सब धर्मों का मूल एक क्यों, बात सम...
हैं हम उस पूर्ण की रचना, ये दर्शन भूल जाएँ क्यों । अभावों को भी भावों से, भला ना हम सजाएँ क्यों । विधाता ने रचा जिसको, अधूरी हो नहीं सकती । अधूरी जिंदगी के नाम पे आँसू बहाएँ क्यो...